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भारत में निवेश की दुनिया में एक बड़ा बदलाव चुपचाप हो गया और ज़्यादातर लोगों का ध्यान इस पर नहीं गया। FY26 में Exchange Traded Funds यानी ETFs में ₹1.81 लाख करोड़ का निवेश आया। यह आंकड़ा न सिर्फ अब तक का सबसे बड़ा है, बल्कि इससे पहले का रिकॉर्ड (FY22 में ₹83,390 करोड़) भी दोगुने से ज़्यादा टूट गया। लेकिन असली चौंकाने वाली बात यह नहीं है कि कितना पैसा आया बल्कि यह है कि वो पैसा कहाँ गया।
पहले समझें ETF होता क्या है?
ETF यानी Exchange Traded Fund एक ऐसा निवेश का ज़रिया है जो शेयर बाज़ार में किसी stock की तरह खरीदा-बेचा जाता है, लेकिन यह किसी index, commodity जैसे सोना या चाँदी, या एक पूरे sector को track करता है। Mutual Fund की तरह इसमें pool of assets होता है, लेकिन इसे real-time में trade किया जा सकता है। सरल भाषा में कहें तो ETF शेयर और म्यूचुअल फंड का मिला-जुला रूप है।
FY26 में क्या बड़ा बदलाव हुआ?
पिछले पाँच साल (FY21 से FY25) में ETF में सालाना निवेश ₹46,000 करोड़ से ₹83,000 करोड़ के बीच रहा था यानी एक सीमित दायरे में। FY26 ने उस दायरे को पूरी तरह तोड़ दिया। ₹1.81 लाख करोड़ के साथ यह साल ETF इतिहास में सबसे बड़ा साबित हुआ। इसमें सबसे बड़ा महीना रहा जनवरी 2026, जब अकेले एक महीने में ₹39,000 करोड़ से ज़्यादा का निवेश आया यह तब हुआ जब दुनियाभर के बाज़ारों में उथल-पुथल थी और निवेशक सुरक्षित ठिकाना ढूंढ रहे थे।
Commodity ETFs ने Equity को पीछे क्यों छोड़ा?
अब तक भारत में ETF की कहानी ज़्यादातर equity यानी शेयर बाज़ार की कहानी थी। लेकिन FY26 में पहली बार Gold और Silver ETFs मिलकर Equity ETFs से आगे निकल गए। पूरे साल में Equity ETFs में ₹77,780 करोड़ आए, जबकि Gold और Silver ETFs मिलाकर ₹99,280 करोड़ यानी कुल inflow का 55%। FY24 में commodity ETFs की हिस्सेदारी सिर्फ 17% थी। दो साल में यह बदलाव बताता है कि निवेशकों की सोच तेज़ी से बदल रही है। Zerodha Fund House के CEO विशाल जैन के शब्दों में "यह सिर्फ inflows का रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि निवेशक अब ETF को diversified portfolio बनाने के tool के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।"
Gold ETFs की ऐतिहासिक growth
सोने में निवेश नई बात नहीं है, लेकिन Gold ETFs के ज़रिए इतना बड़ा दांव पहले कभी नहीं लगा। FY26 में Gold ETFs में ₹68,868 करोड़ आए जो FY21 से FY25 तक के पाँच साल के कुल ₹30,200 करोड़ से भी ज़्यादा है। इसका असर Gold ETF AUM पर भी दिखा। मार्च 2025 में जो AUM करीब ₹59,000 करोड़ था, वह मार्च 2026 में बढ़कर ₹1.71 लाख करोड़ हो गया यानी सिर्फ एक साल में 191% की बढ़त। इसमें सोने की कीमतों में उछाल और नए निवेशकों का योगदान दोनों शामिल हैं।
Silver ETFs नई उम्मीद, बड़ा उछाल
2022 में लॉन्च हुए Silver ETFs अभी भी अपनी पहचान बना रहे थे। लेकिन FY26 में इन्होंने सबको चौंका दिया। पूरे साल में ₹30,412 करोड़ का निवेश आया जो मार्च 2025 में इस पूरी category के कुल AUM ₹15,339 करोड़ से भी ज़्यादा है। चाँदी की कीमतों में तेज़ उछाल ने निवेशकों को इस category की तरफ खींचा। जिन लोगों ने Gold ETFs में पहले से निवेश किया था, उनमें से कई ने Silver ETFs को अगला कदम माना।
Tax का फायदा ETF क्यों बेहतर है Physical gold से?
एक और अहम वजह है जो निवेशकों को Gold-Silver ETFs की तरफ खींच रही है टैक्स का फर्क। Physical gold पर Long Term Capital Gain (LTCG) का फायदा तभी मिलता है जब आप कम से कम 24 महीने रखें। लेकिन Gold और Silver ETFs पर यही फायदा सिर्फ 12 महीने बाद मिल जाता है, और LTCG दर 12.5% है। यह अंतर उन निवेशकों के लिए बड़ा मायने रखता है जो tax-efficient तरीके से सोने में निवेश करना चाहते हैं।
Liquidity में 18 गुना उछाल
ETF बाज़ार की गहराई को मापने का एक तरीका है रोज़ाना का average turnover। FY21 में यह ₹237 करोड़ था। FY26 (अप्रैल 2025 से फरवरी 2026) में यह बढ़कर ₹4,200 करोड़ से ज़्यादा हो गया लगभग 18 गुना। Commodity ETFs की daily turnover ₹2,700 करोड़ रही, जो Equity ETFs की ₹745 करोड़ से तीन गुना से भी ज़्यादा है। यह liquidity बताती है कि ETF बाज़ार अब परिपक्व हो रहा है और छोटे-बड़े सभी निवेशकों के लिए बेहतर बन रहा है।
निवेशकों की सोच में बदलाव और आगे की राह
FY26 के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय निवेशक अब सिर्फ equity में नहीं सोच रहे। वैश्विक अनिश्चितता, महंगाई की आशंका और बाज़ार की volatility ने उन्हें सिखाया है कि portfolio में diversification ज़रूरी है और ETFs इसके लिए एक आसान, सस्ता और tax-efficient रास्ता है। आने वाले सालों में Gold-Silver ETFs की लोकप्रियता और बढ़ने की उम्मीद है। जैसे-जैसे नए निवेशक बाज़ार में आएंगे और जागरूकता बढ़ेगी, ETF बाज़ार और गहरा होता जाएगा। FY26 सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं है यह एक नई शुरुआत का संकेत है।